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छत्तीसगढ़ राज्य की प्रमुख नदियाँ

 भौगोलिक संरचना के अनुसार छत्तीसगढ़ में प्रमुख रूप से चार अपवाह तंत्र है-

महानदी प्रवाह प्रणाली - राज्य में 55.51% जल ग्रहण क्षेत्र, 
गोदावरी प्रवाह प्रणाली - राज्य में 39.27% जल ग्रहण क्षेत्र,
गंगा प्रवाह प्रणाली - राज्य में 13.76% जल ग्रहण क्षेत्र तथा नर्मदा प्रवाह प्रणाली - राज्य में 1.44% जल ग्रहण क्षेत्र

छत्तीसगढ़ के इन चार अपवाह तंत्र की प्रमुख नदियाँ

महानदी - 
'छत्तीसगढ़ की गंगा' एवं 'छत्तीसगढ़ की जीवनरेखा' के नाम से अभिभीत महानदी (चित्रोत्पला, कनकनन्दिनी एवं निलोटप्ला) छत्तीसगढ़ की सर्वाधिक महत्वपूर्ण नदी है । महानदी का उद्गम धमतरी जिले के नगरी सिहावा तहसील में स्थित श्रृंगी-पर्वत से होता है । 851 किमी लम्बी महानदी छत्तीसगढ़ राज्य में 286 किमी की लम्बाई तय करती है ।

शिवनाथ नदी -
महानदी की सबसे बड़ी सहायक नदी एवं छत्तीसगढ़ की दूसरी महत्वपूर्ण नदी शिवनाथ है । शिवनाथ नदी का उद्गम राजनांदगांव जिले के अंबागढ़ चौकी तहसील के पानाबरस पहाड़ी से हुआ है । यह राज्य में बहने वाली सबसे लंबी नदी है, जो कि 290 किमी की लम्बाई तय करती है ।

जोंक नदी -
महासमुन्द जिले के पिथौरा के पास जोंक नदी का उद्गम होता है ।

अरपा नदी -
बिलासपुर शहर के मध्य से प्रवाहित होने वाली अरपा नदी का उद्गम बिलासपुर जिले के पेंड्रा तहसील के खोरसी खोंगसरा पहाड़ी से हुआ है ।

पैरी नदी -
गरियाबंद जिले के बिन्द्रानवागढ़ के समीप भातृगढ़ की पहाड़ियों से पैरी नदी का उद्गम होता है ।

शबरी नदी -
छत्तीसगढ़ और उड़ीसा राज्य के मध्य सीमा रेखा निर्मित करती हुई शबरी नदी राज्य में एकमात्र जल परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराने वाली नदी के रूप में ख्यातिलब्ध है । मुख्य रूप से सुकमा जिले में प्रवाहित होने वाली शबरी नदी का उद्गम उड़ीसा राज्य के कोरकुट जिले के 3000 फुट ऊंचे पठार से होता है ।

मनिहारी नदी -
मनिहारी नदी का उद्गम बिलासपुर जिले के पेण्ड्रा तहसील की खोडरी पहाड़ी से हुआ है ।

रिहन्द नदी -
अम्बिकापुर तहसील के छुरी मतिरिंगा उदयपुर की पहाड़ी के पास रिहन्द नदी का उद्गम स्थल है । विदित हो कि रिहन्द नदी को 'सरगुजा की जीवन रेखा' भी कहा जाता है ।

कन्हार नदी -
गंगा अपवाह तंत्र के अंतर्गत यह द्वितीय महत्वपूर्ण नदी है जो जशपुर जिले के बगीचा तहसील के बखोना चोटी से उद्गमित होती है ।

डंकनी एवं शंखिनी नदी -
बैलाडीला क्षेत्र के पर्वत नन्दीराज शिखर से उद्गमित शंखिनी नदी एवं डांगरी डोंगरी पहाड़ी से उद्गमित डंकिनी नदी राज्य की सबसे प्रदूषित नदी मानी जाती है ।

खारुन नदी -
इसका उद्गम बालोद जिले के दक्षिण-पूर्व में पेटेचुवा के समीप है । राज्य की राजधानी रायपुर खारुन नदी के किनारे ही अवस्थित है ।

इंद्रावती नदी -
इंद्रावती नदी उड़ीसा के कालाहांडी जिले के धरमगढ़ में स्थित 4 हजार फीट ऊंची मुंगेर पहाड़ी से निकलती है । इंद्रावती को 'बस्तर की जीवन रेखा' कहते है ।

लीलागर नदी -
कोरबा जिले की पूर्वी पहाड़ियों से लीलागर नदी का उद्गम होता है ।

मांड नदी -
इस नदी का उद्गम सरगुजा जिले के मैनपाट पठार का उत्तरी भाग है ।

तांदुला नदी -
कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर तहसील में स्थित उत्तर की पहाड़ियों से तांदुला नदी का उद्गम होता है ।

ईब नदी -
जशपुर जिले के बगीचा तहसील से पेण्ड्रापाट पठार के खुरजा पहाड़ियों से ईब नदी का उद्गम होता है ।

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