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भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन के प्रमुख वचन एवं नारे

 भारतीय स्वतंत्रता-आंदोलन के प्रमुख वचन एवं नारे

■ भारत छोड़ो - महात्मा गांधी

■ करो या मरो - महात्मा गांधी

■ भारत माता की जय - महात्मा गांधी

■ हे राम - महात्मा गांधी

■ इन्कलाब जिन्दाबाद - भगत सिंह

■ साम्राज्यवाद की नाश हो - भगत सिंह

■ क्रांति की तलवार में धार वैचारिक पत्थर पर रगड़ने से ही आती है । - भगत सिंह

■ दिल्ली चलो - सुभाष चन्द्र बोस

■ जय हिन्द - सुभाष चन्द्र बोस

■ तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा - सुभाष चन्द्र बोस

■ पूर्ण स्वराज - जवाहरलाल नेहरू

■ आराम हराम है - जवाहरलाल नेहरू

■ हु लिव्स इन इंडिया डाइज - जवाहरलाल नेहरू

■ वेदों की ओर लौटो - दयानन्द सरस्वती

■ जय जवान, जय किसान - लाल बहादुर शास्त्री ( 1965 के पाकिस्तान युद्ध के समय )

■ मारो फिरंगी को - मंगल पांडे

■ जय जगत - विनोबा भावे

■ कर मत दो - सरदार वल्लभ भाई पटेल

■ सम्पूर्ण क्रांति - जयप्रकाश नारायण

■ विजयी विश्व तिरंगा प्यारा - श्याम लाल गुप्ता पार्षद

■ वन्दे मातरम - बंकिमचन्द्र चटर्जी

■ जन-गण-मन अधिनायक जय हे - रविन्द्र नाथ ठाकुर

■ मेरे सिर पर लाठी का एक प्रहार, अंग्रेजी शासन के ताबूत की कील साबित होगा - लाला लाजपतराय

■ स्वराज हमारा जन्मसिध्द अधिकार है - बाल गंगाधर तिलक

■ सरफ़रोशी की तमन्ना, अब हमारे दिल में है - राम प्रसाद बिस्मिल 

■ "सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा" - इकबाल

■ साइमन कमीशन वापस जाओ - लाला लाजपत राय

■ मुसलमान मूर्ख थे, जो उन्होंने सुरक्षा की मांग की और हिन्दू उनसे भी मूर्ख थे, जो उन्होंने उस मांग को ठुकरा दिया - अबुल कलाम आजाद


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काव्य तत्व - रस की परिभाषा । अंग एवं भेद

रस - शब्द और अर्थ काव्य का शरीर है तो रस काव्य की आत्मा कहलाता है । आत्मा से तात्पर्य काव्य के मूल या उसके प्राण से है, जिसके बिना काव्य मात्र पद्य बनकर रह जाता है । रस उत्तम काव्य का अनिवार्य गुण है । रस की परिभाषा - कविता, कहानी, उपन्यास, नाटक आदि पढ़ने, सुनने या देखने से लोगों को जो एक प्रकार के विलक्षण आनन्द की अनुभूति होती है, उसे रस कहते हैं । काव्यास्वादन के अनिर्वचनीय आनन्द को रस कहा गया है । किसी काव्य के पठन, श्रवण या अभिनय दर्शन, पाठक, श्रोता, अभिनय दर्शक का जब हर लेता मन ।  और अलौकिक आनन्द से जब मन तन्मय हो जाता,  मन का यह रूप काव्य में रस कहलाता ।  रस को काव्य का आनन्द मान सकते हैं । मानव हृदय भावों का भंडार है । समय-समय पर परिस्थितियों के अनुसार हृदय में विभिन्न भाव जाग्रत होते रहते हैं । उन भावों के अनुरूप ही रस की अनुभूति होती है । इस संबंध में आचार्य भरतमुनि के अनुसार -         "विभावनुभाव संचारी संयोगद्रसनिष्पति:" अर्थात विभाव, अनुभाव और संचारी भाव के संयोग से रस की निष्पति होती है । रस के अंग- रस के चार अंग हैं- (1) स्थायी भ...

केन्द्रक के महत्वपूर्ण प्रश्न (पार्ट-1)

   विषय: केन्द्रक (Nucleus / केन्द्रक) परमाणु  ⸻ प्रश्न 1. केन्द्रक (Nucleus) की खोज किसने की थी? (A) जे. जे. थॉमसन (B) रदरफोर्ड (C) चैडविक (D) गोल्डस्टीन सही उत्तर: (B) रदरफोर्ड विस्तृत व्याख्या: रदरफोर्ड ने 1911 में स्वर्ण पन्नी (Gold foil) पर α-कणों के प्रकीर्णन (Scattering) प्रयोग से केन्द्रक की खोज की। उन्होंने बताया कि परमाणु के केंद्र में धनावेशित घना भाग होता है जिसे केन्द्रक कहते हैं। (स्रोत: NCERT कक्षा 9, अध्याय – परमाणु की संरचना) ⸻ प्रश्न 2. केन्द्रक का आवेश किस प्रकार का होता है? (A) ऋणात्मक (B) धनात्मक (C) उदासीन (D) परिवर्ती सही उत्तर: (B) धनात्मक  विस्तृत व्याख्या: केन्द्रक में प्रोटॉन (धनावेशित कण) और न्यूट्रॉन (निष्प्रभावी कण) होते हैं। प्रोटॉनों के कारण केन्द्रक का कुल आवेश धनात्मक होता है। ⸻ प्रश्न 3. केन्द्रक के भीतर कौन–कौन से कण पाए जाते हैं? (A) केवल प्रोटॉन (B) केवल इलेक्ट्रॉन (C) प्रोटॉन और न्यूट्रॉन (D) प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉन सही उत्तर: (C) प्रोटॉन और न्यूट्रॉन   विस्तृत व्याख्या: केन्द्रक में केवल प्रोटॉन और न्यूट्रॉन होते हैं। ...

गति के समीकरण 20 न्यूमेरिकल प्रश्न

   गति के समीकरण (Equations of Motion) – 20 न्यूमेरिकल ▫️ उपयोगी सूत्र 1. v = u + at 2. s = ut + 1/2at2 3. v^2 = u^2 + 2as प्रश्न 1.एक वस्तु विराम से चलकर 4 m/s² के त्वरण से 5 s तक चलती है। अंतिम वेग ज्ञात कीजिए। हल: u = 0, a = 4 m/s², t = 5 s v = u + at v = 0 + (4 × 5) = 20 m/s प्रश्न 2. एक साइकिल 2 m/s के वेग से चल रही है। 3 m/s² के त्वरण से 4 s तक चलती है। अंतिम वेग ज्ञात कीजिए। हल: u = 2, a = 3, t = 4 v = u + at = 2 + 12 = 14 m/s प्रश्न 3. एक धावक 10 m/s के वेग से चल रहा है। 2 m/s² के ऋणात्मक त्वरण से 5 s में रुक जाता है। विस्थापन ज्ञात कीजिए। हल: u = 10, a = –2, t = 5 s = ut + ½at² s = (10×5) + ½(–2)(25) s = 50 – 25 = 25 m प्रश्न 4. एक ट्रेन 20 m/s के वेग से चल रही है और 1 m/s² से धीमी होती है। रुकने तक चली दूरी ज्ञात कीजिए। हल: u = 20, v = 0, a = –1 v² = u² + 2as 0 = 400 – 2s s = 200 m प्रश्न 5. एक स्कूटर विराम से चलकर 2.5 m/s² के त्वरण से 8 s में चलता है। दूरी ज्ञात कीजिए। हल: u = 0, a = 2.5, t = 8 s = ½at² = ½ × 2.5 × 64 = 80 m प्रश्न 6. एक कार 10 m/s से 20 m/s तक 5...